इलेक्ट्रिक-व्हीकल निर्माताओं के लिए क्या है ‘बोनांजा’
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने प्रदेश में इलेक्ट्रिक-वाहन के निर्माताओं को अपने उद्योग स्थापित करने व पहले से स्थापित उद्योग को इलेक्ट्रिक-वाहन निर्माण के लिए परिवर्तन करने हेतु कई छूट देने की पॉलिसी में योजना बनाई है ताकि अधिक से अधिक निर्माता हरियाणा की ओर उद्योग लगाने के लिए आकर्षित हो सकें।
राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक-वाहन बनाने, इन वाहनों की बैटरी, उपकरण व चार्जिंग स्टेशन के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने आदि से संबंधित उद्योग लगाने वालों को भी पॉलिसी में विशेष ‘बोनांजा’ दिया है। इनको पॉलिसी के अनुसार किसी यूनिट में लगने वाली ‘फिक्सड कैपिटल इन्वेस्टमैंट’ में से कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी। हरियाणा सरकार की ‘हरियाणा इलेक्ट्रिक-व्हीकल पॉलिसी-2022’ के अनुसार राज्य में ‘माइक्रो इंडस्ट्री’ की कैटेगरी में पहली 20 इकाइयों को ‘फिक्सड कैपिटल इन्वेस्टमैंट’ की 25 प्रतिशत या अधिकतम 15 लाख रूपए, जो भी कम होगा, की कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी।
इसी प्रकार, ‘स्मॉल इंडस्ट्री’ की कैटेगरी में पहली 10 इकाइयों को ‘फिक्सड कैपिटल इन्वेस्टमैंट’ की 20 प्रतिशत या अधिकतम 40 लाख रूपए, जो भी कम होगा, ‘मिडियम इंडस्ट्री’ की कैटेगरी में पहली 5 इकाइयों को ‘फिक्सड कैपिटल इन्वेस्टमैंट’ की 20 प्रतिशत या अधिकतम 50 लाख रूपए, जो भी कम होगा, की कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी। ‘लार्ज इंडस्ट्री’ की कैटेगरी में पहली 2 इकाइयों को ‘फिक्सड कैपिटल इन्वेस्टमैंट’ की 10 प्रतिशत या अधिकतम 10 करोड़ रूपए, जो भी कम होगा तथा ‘मेगा इंडस्ट्री’ की कैटेगरी में पहली 3 इकाइयों को ‘फिक्सड कैपिटल इन्वेस्टमैंट’ की 20 प्रतिशत या अधिकतम 20 करोड़ रूपए, जो भी कम होगा, की कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी। छूट के लिए उक्त उद्योगों के इन वाहनों में दोपहिया, तिपहिया,चार-पहिया, बस/हैवी व्हीकल शामिल हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल का कहना है कि राज्य सरकार का उद्देश्य इस नीति के माध्यम से पर्यावरण को बेहतर बनाना तथा कार्बन फुटप्रिंट को कम करना है। उन्होंने बताया कि ‘हरियाणा इलेक्ट्रिक-व्हीकल पॉलिसी-2022’ का उद्देश्य राज्य के नागरिकों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रेरित करने में योगदान देना भी है। हम चाहते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के निर्माण के लिए हरियाणा प्रदेश वैश्विक केंद्र बने ताकि यहां अधिक से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हों।
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